उत्तोलक व इसके प्रकार
उत्तोलक (Lever) एक सरल मशीन है जो एक कठोर छड़ या छड़ के रूप में होती है और इसे किसी बिंदु पर टिकाकर उपयोग किया जाता है। उत्तोलक का उपयोग किसी बल को बढ़ाने, किसी वस्तु को उठाने या उसे घुमाने में किया जाता है। इसका कार्य सिद्धांत गति और बल के बीच संतुलन पर आधारित होता है।
उत्तोलक के मुख्य भाग:
1. आधार बिंदु (Fulcrum): वह बिंदु जिस पर छड़ टिकाई जाती है।
2. प्रयास बल (Effort): वह बल जो वस्तु को उठाने या स्थानांतरित करने के लिए लगाया जाता है।
3. प्रतिरोध बल (Load): वह वस्तु जिसका भार उठाना होता है।
उत्तोलक के प्रकार और उदाहरण
1. प्रथम श्रेणी उत्तोलक (First-Class Lever):
इसमें आधार बिंदु, प्रयास बल और प्रतिरोध बल के बीच में होता है।
उदाहरण:
झूला (Seesaw)
कैंची (Scissors)
सरिया उठाने का डंडा (Crowbar)
2. द्वितीय श्रेणी उत्तोलक (Second-Class Lever):
इसमें प्रतिरोध बल (लोड) आधार बिंदु और प्रयास बल के बीच में होता है।
उदाहरण:
हाथ गाड़ी (Wheelbarrow)
दरवाजे की कुंडी (Door Hinge)
नट क्रैकर (Nutcracker)
3. तृतीय श्रेणी उत्तोलक (Third-Class Lever):
इसमें प्रयास बल आधार बिंदु और प्रतिरोध बल के बीच में होता है।
उदाहरण:
चिमटी (Tweezers)
मछली पकड़ने की छड़ी (Fishing Rod)
हथौड़ा मारने वाला औजार (Hammer while hitting nails)
यह डीएलएड द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ मे अन्य परीक्षाओं के लिए उपयोगी है

Thanks sir
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